भाव-प्रवाहक सरस सरित,
अछि सर्वोत्तम,अछि मगन-मुदित,
ओ अछि हम्मर
मैथिली महान।
सबस' मधुर जे भाषा थिक,
उन्नयन'क जे आशा थिक,
ओ अछि हम्मर
मैथिली महान।
स्वर्णिम इतिहासक वाहक थिक,
नूतन भविष्य के साधक थिक,
ओ अछि हम्मर
मैथिली महान।
होयत जइ स' मिथिला'क उत्थान,
जे अछि वरेण्य ऑषुधिक समान,
ओ अछि हम्मर
मैथिली महान।
-जन्मेजय
मिथिला के नौनिहाल
स्वागत अछि सब गोटा के मैथिली ,मिथिला और मैथिल सब के समर्पित एहि ब्लौग पर।
Tuesday, October 28, 2008
मैथिली महान।
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2 comments:
ब्लोगिंग जगत में आपका स्वागत है. खूब लिखें, खूब पढ़ें, स्वच्छ समाज का रूप धरें, बुराई को मिटायें, अच्छाई जगत को सिखाएं...खूब लिखें-लिखायें...
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आप मेरे ब्लॉग पर सादर आमंत्रित हैं.
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अमित के. सागर
(उल्टा तीर)
badhiya aichh bhai....satya kahi ta sahityak atek humra gyaan nai aichh tathapi humra nik lagal...
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